
नयी उम्मीदे , नयी आश है
कुछ सपने , कुछ खवाब नए है
नयी है मंजिल , राह नयी है
हम सब को मिलकर चलना है
स्वपन सुनहरे सच करना है ।

कुछ बाधायें सरल न होगी
अधियारों में चलाना होगा
गम भी हमको सहना होगा
गीत नए फिर भी गढ़ना है
सवपन सुनहरे सच करना है ।
मैंने तुम्हे आत्मा की उन गहराइयों
से प्यार किया है जहाँ मेरा मै खो जाता है
दुनिया का कोई भी ऐश्वर्य उसे छू नही पाता है
अलौकिक आनन्द का झरना मेरे ह्रदय में फूट पड़ता है ।
तुम्हे इतनी गहराइयों से चाहा की
मेरा अहंकार न जाने कहा खो जाता है
सच कहूं मेरी आत्मा मुक्त हो जाती है
जैसे दुनिया कही खो जाती है ।
तुझे प्यार कर के मेरी आंखों से आँशू छलक जाते है
मेरी दुनिया रंगीन हो जाती है
मेरा मन उमंग से नाच उठता है
सैकड़ों जूगनू जैसे मेरे आँगन में नृत्य करने लगते है
ऐसा लगता है जैसे बसंत आ जाए
जैसे अचानक हजारों फूल खिल जाए
मेरा ह्रदय तुम्हारी खुशबू से खिल उठता है
मेरा जीवन आनन्द के फूलों से महक उठता है
मेरा जीवन एक उत्सव बन जाता है , गीत बन जाता है
मेरी आँखें झील बन जाती है और पलकें भीग जाती है ।
कभी कभी मै सोचता हूँ
जब तुम घूंघट में होगी ,
तो कैसी होगी
मेरी चाँद , बिल्कुल मेरी कविता जैसी होगी ।
मै तो तेरे साथ रहा
पल पल जीवन की तरह
फिर क्यू मुझे ऐसा लगा
की तुमसे मै बहुत दूर रहा ।