
मै मौत से नही डरता
मौत के खौफ से नही डरता
मगर मौत मुझे गाँधी , सुभाष की tarah chahiye
मुझे मौत आजाद , भगत सिंह की tarah चाहिए
मुझे मौत बलिदान , स्वाभिमान की चाहिए
मुझे मौत देश की खातिर चाहिए
मुझे मौत कारगिल की चाहिए
मुझे मौत मेजर उन्नी कृषण की tarah चाहिए
मुझे मौत हेमंत करकर , विजय सालसकर , अशोक की tarah चाहिए
मुझे मौत , ई वतन तेरे लिए चाहिए
मेरे वतन तेरे लिए मै लहू बहाऊंगा
गर मर भी गया तो मै शहीद कहलाऊंगा
मेरे वतन निराश न हो मै लौट के आऊंगा ।

सुन लो आताकियों , दुश्मनो
हर बार यही कहानी दुहराऊंगा
खाकर सिने पर हजारों गोलिया
तेरा नाम अपनी जमी से मिटाऊंगा
हर बार शांति का संदेश
सारे जहा में फैलाऊंगा
हर बार अपना प्राण देश की
आन ,मान और शान की खातिर लुटाऊंगा
13 comments:
अच्छी कविता लिखी है आपने जय हिंद जय भारत
शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर वरस मेले
वतन पर मिटने वालों का यही बाकी निशां होगा
वन्दे मातरम
आप के जज्बात को प्रणाम
हर बार शांति का संदेश
सारे जहा में फैलाऊंगा
हर बार अपना प्राण देश की
आन ,मान और शान की खातिर लुटाऊंगा
" very craetive painful and full of devotion towards nation"
Regards
मुझे मौत आजाद , भगत सिंह jaesii चाहिए
dev ji , shheedon ke prti aapke jajbe ko salaam karti hoon .
meri kavita yaden jinda hain ki tareef karne ke liye shukriya .
बहुत ही बढ़िया लिखा आपने1 दिल खुश हो गया1 बधाई1 Jai Hind
sabdon ka bejod sangam. badhai sweekar karein. son nadi ke mitti ki khusbu a rahi hai. mai galat hun ya sahi? jarur bantaeyega..
... बहुत प्रसंशनीय व प्रभावशाली रचना है, मगर - मर कर क्या गुल खिलाओगे दोस्त, जीते-जी बगिया खिलाओ तो बात हो।
बहुत सुंदर बधाई
umda....pranam...jai hind....
excellent !! Ati Sundar ...
Yar ,i have never imagined in our college days that we were having a guy with these much of talents.Kudos to you buddy with theses heart felt thoughts.
how nice , i like very much ,सुन लो आताकियों , दुश्मनो
हर बार यही कहानी दुहराऊंगा
खाकर सिने पर हजारों गोलिया
तेरा नाम अपनी जमी से मिटाऊंगा
हर बार शांति का संदेश
सारे जहा में फैलाऊंगा
हर बार अपना प्राण देश की
आन ,मान और शान की खातिर लुटाऊंगा
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