Monday, September 1, 2008

अगर मिल गए हो तो फिर ना बिछड़ना !




कोई शिर्फ़ तेरे लिए गीत गाये
पलकों में तेरे ही स्वपन सजाये
अगर कोई ऐसा तुम्हें मिल जो जाए
तो पलकों से उसको न तुम दूर करना
मिलना न मिलना है किस्मत की बातें
अगर मिल गए हो तो फिर ना बिछड़ना ।

1 comment:

Pradeep said...

Dev Bhai,
Kya khoob poetry likhi hai . Bahut badiya jaari rakhain, aane waali acchi -2 kavitaon ka intzaar rahega.

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