
खुशकिस्मत होते है वे लोग
जिनके मां-बाप होते है
पूछो उनसे -
जो अनाथ होते है ।
यदि कोई खुदा है
इस धरती पर
तो वो मां -बाप ही है
तुम चाहे जैसे भी हो
वो तुम्हारे साथ होते है ।
कैसे तुम रोओगे ?
किसी और के सामने
आंशूं बहाने और पोछने
वाले भी तो चाहिए जो
जो तुम्हारे साथ होते है ।
4 comments:
उन्ही लोगों में से एक हूँ देवेश ! और यह दर्द अच्छी तरह जनता हूँ !और इसी तरह की सोच है जो आपने चित्रित की है !
शुभकामनायें !
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bahut hi saccha likha hai apane...
vry good
keep it up brother
बहुत ही अच्छा लिखा है 'देव ', हमको जब अपने माता-पिता से कुछ समय के लिए दूर रहने पर ही उनकी याद बार-बार आती रहती है, तो उनका क्या होता होगा जो अनाथ हैं। आपने बड़े ही नज़दीक से उनके दर्द को समझकर, बाखुबी प्रस्तुत किया है। पर कहते हैं न कि जिनका कोई नही होता उनका भगवान् होता है:
"अनाथ कौन है यहाँ, त्रिलोकनाथ साथ हैं। दयाल दीनबंधु के बड़े विशाल हाथ हैं॥"
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