
पापा मै जब भी गिरा , जब भी जीवन से हारा
आपको हर पल अपने बहुत करीब पाया
मै जब भी अँधेरों से घबराया
आपकी थपकी से ही रोशनी पाया .
पापा आपकी शिच्छाओ में
जीवन का दर्शन है , आप कहते है -
"जो तोको काँटा बुए , ताहि बोउ तो फूल
ताको फूल के फूल है वाको है त्रिशूल ".
पापा आपकी बातों में
मंदिर की घंटियों का संगीत है .
आपकी डांट में , दुखों से बचाव का इशारा है .
आपके स्नेह में ,
प्राणों को पुनर्जीवित करने की अद्वितीय शक्ति है .
आपके दुलार में सारे जहाँ की खुशिया है .
आपकी बिपरीत परिस्थितियों में
सहज बने रहकर इश्वर में विश्वास
और खुद पर भरोसा रख कर
दुखों को पार करने की सहज प्रब्रित
प्राणों में उर्जा भारती है .
आप का प्यार है
जैसे सूरज की रोशनी , जैसे ये नीला आकाश
जैसे नदिया का जल , जैस ये चाँद सितार
आपके हाँथ जब भी उठे प्रार्थना के लिए
हमारे लिए उठे .
हमने आपकी पावन छाया में हमेशा
सुरछित महसूस किया है
आपने बचपन से ही वो बातें बताई
जो हमें जाननी चाहिए
जो आपने शिखाया और कोई नहीं बता सकता था
इश्वर में आस्था, सच्चाई में भरोसा , आशा
विश्वाश , दुषरों की भलाई करना .
पापा सब कुछ , तुम मेरे हो
तुम बिन मै कुछ भी नहीं
मेरी सांसे , मेरी धड़कन
मेरे प्राणों का एक एक कण तुम हो.
पापा हमें आपको पिता कहने पर गर्व होता है
आपने हमें जीवन ही नहीं दिया है
जीवन जीने की दृष्टि और विश्वाश दिया है
एक स्वपन , एक ख्वाब दिया है
एक दीपक दिया है जिसे हमें आगे भी जलाये रखना है .
पापा, काश : मै आपके चरणों की धुल भी बन पाया
तो मै सोचूंगा की मेरा जीवन सफल रहा .
आपको हर पल अपने बहुत करीब पाया
मै जब भी अँधेरों से घबराया
आपकी थपकी से ही रोशनी पाया .
पापा आपकी शिच्छाओ में
जीवन का दर्शन है , आप कहते है -
"जो तोको काँटा बुए , ताहि बोउ तो फूल
ताको फूल के फूल है वाको है त्रिशूल ".
पापा आपकी बातों में
मंदिर की घंटियों का संगीत है .
आपकी डांट में , दुखों से बचाव का इशारा है .
आपके स्नेह में ,
प्राणों को पुनर्जीवित करने की अद्वितीय शक्ति है .
आपके दुलार में सारे जहाँ की खुशिया है .
आपकी बिपरीत परिस्थितियों में
सहज बने रहकर इश्वर में विश्वास
और खुद पर भरोसा रख कर
दुखों को पार करने की सहज प्रब्रित
प्राणों में उर्जा भारती है .
आप का प्यार है
जैसे सूरज की रोशनी , जैसे ये नीला आकाश
जैसे नदिया का जल , जैस ये चाँद सितार
आपके हाँथ जब भी उठे प्रार्थना के लिए
हमारे लिए उठे .
हमने आपकी पावन छाया में हमेशा
सुरछित महसूस किया है
आपने बचपन से ही वो बातें बताई
जो हमें जाननी चाहिए
जो आपने शिखाया और कोई नहीं बता सकता था
इश्वर में आस्था, सच्चाई में भरोसा , आशा
विश्वाश , दुषरों की भलाई करना .
पापा सब कुछ , तुम मेरे हो
तुम बिन मै कुछ भी नहीं
मेरी सांसे , मेरी धड़कन
मेरे प्राणों का एक एक कण तुम हो.
पापा हमें आपको पिता कहने पर गर्व होता है
आपने हमें जीवन ही नहीं दिया है
जीवन जीने की दृष्टि और विश्वाश दिया है
एक स्वपन , एक ख्वाब दिया है
एक दीपक दिया है जिसे हमें आगे भी जलाये रखना है .
पापा, काश : मै आपके चरणों की धुल भी बन पाया
तो मै सोचूंगा की मेरा जीवन सफल रहा .
22 comments:
एक लायक सुपुत्र का मार्मिक सन्देश ! आपके पिता को बधाई !
बहुत सुंदर संदेश, पिता को मान है ऎसे सपूतो पर.
धन्यवाद
मुझे शिकायत है
पराया देश
छोटी छोटी बातें
नन्हे मुन्हे
aapke shabdo ki rachna achhi lagi... bahut kam log hai jo kavita kahaniyon mein apne pita ko sthaan dete hai...
ek kavita maine v likhi hai apne papa ko samarpit karte hue...
http://ab8oct.blogspot.com/2008/03/blog-post.html
keep writting...
" very emotional full of love and respect and feeilings for father. liked it too much"
regards
very very emotional, realistic and touching poem describing all the characteristics of father. Great Job keep it up.
very very emotional, realistic and touching poem describing all the characteristics of father. Great Job keep it up.
Marmik aur bahoot hi man ko choo lene wala likha hai..... pitaa ka staan sach mein itnaa hi oonchaa hota hai aur aapki rachna is baat ko sat pratishat kahti hai.... bahot sundar
देव मैने पहले मा के लिये तुम्हारी कविता पढी थी आज पिता पर इतनी अच्छी कवित पढ कर मन को एक सकून स मिला कि आजकल भी ऐसे बच्चे हैण जो अपने मा-बाप से इतना प्यार करते हैं और उन्हें इतना सम्मान देते हैं बहुत ही सुन्दर और सार्थक अभिव्यक्ति है आशीर्वाद्
देव मैने पहले मा के लिये तुम्हारी कविता पढी थी आज पिता पर इतनी अच्छी कवित पढ कर मन को एक सकून स मिला कि आजकल भी ऐसे बच्चे हैण जो अपने मा-बाप से इतना प्यार करते हैं और उन्हें इतना सम्मान देते हैं बहुत ही सुन्दर और सार्थक अभिव्यक्ति है आशीर्वाद्
देव जी,
पापा, को लेकर एक बहुत अच्ची भावनायें जो स्वतः ही कविता बन गई हैं।
बधाई आपको एक सुपुत्र होने की।
मुकेश कुमार तिवारी
bahut achchi rachna lagi.............
bahut achchi rachna lagi.............
bahut khub likhaa hai,badhaaee aapko, likhate rahiye, aur hosala afzaaee ke liye aapka shukriyaa...moksha.
बहुत सुंदर रचना लिखा है आपने जो काबिले तारीफ है!
Aapki kavita ko padha nahin mahsoos kiya...
too good..i have too gone thru many of urs u r a great composer..poet.. thanks for reading and appriciating my poem..hope u wil read more of them n encourage me..
सहज भाव और
सच्चे विचार।
bhaut he bhavook tatha umda soch.
aap apni samvedanshita ko unhi banaue rahiye.
nice article , i love to read u r article
Beauty of Tindivanm
This blog is great source of information which is very useful for me. Thank you very much.
BEST LOVE POEMS FOR MOTHER.
Post a Comment